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लौट आओ तुम

लौट आओ तुम



दिल के हर कोने मे एक कसक बाकी है
लौट आओ तुम
की अब भी वो प्यार मुझमे बाकी है
दिल के हर हिस्से में तुम्हारी याद बाकी है 
हर वो लम्हा जिया जो तुम्हारे साथ था 
उन लम्हों की याद अब भी बाकी हैं
भला कही भूल सकता हैं तुम्हारी यादों को
मन में पाले हर एक जज्बातों को
दिल को छू लेने वाली तुम्हारी शरारत को,
तुम्हारे लिये संभाल कर रखें दिल के जज्बातों को
दिल के हर कोने मे एक कसक बाकी है
लौट आओ तुम
की अब भी वो प्यार मुझमे बाकी है
क्या तुम्हें भी मेरा साथ पसंद था
या ये सिर्फ़ मेरे मन का वहम था
लगता तो कुछ ऐसे था मुझे
की दिल के किसी कोने मे ही सही
पर तुम्हें भी मुझ से प्यार था
बया ना किया कभी, फिर भी
हर पल तुमहारी आँखों मे इकरार था
मेरे हर इजहार को, तुम हसी में टाल जाते थे
कहते थे तुम दोस्त हो मेरे, पर जज्बात मचल जाते थे
अब की जो कभी आओगे मेरी जिंदगी मे
क्या लौट फिर जाओगे,
और फिर एक बार मेरे जज्बातों को दफनाओगे?
अब की जो कभी आओगे मेरी जिंदगी मे
क्या लौट फिर जाओगे,

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